पैसों से जुड़े फैक्ट - नमक का फर्ज और नमक हरामी का ये मतलब नहीं जानते होंगे आप 

क्या आप जानते हैं दुनिया में 1.6 मिलियन से अधिक एटीएम हैं। 1920 में, संयुक्त राज्य अमेरिका में पहली बार क्रेडिट कार्ड का उपयोग किया गया था। और क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय किसी भी अन्य व्यक्ति की तुलना में सबसे अधिक किसी मुद्रा पर प्रदर्शित होने का रिकॉर्ड रखती है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर 1785 में मुद्रा की अपनी इकाई के रूप में डॉलर को अपनाया। जो की आज दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली मुद्रा है और ये वाला काफी मजेदार है,






दूसरे विश्व युद्ध तक साइबेरिया में चाय की ईंटों का इस्तेमाल पैसे के रूप में किया जाता था, ये तो सुना ही होगा अपने की हमारा नमक खा के हमसे नमक हरामी करते हो .... तो ऐसा क्यों कहते हैं दरसल प्रारंभिक रोमियों ने नमक का उपयोग पैसे के रूप में किया था। यहां तक कि "वेतन" शब्द भी सल (जिसे आज कल सेलरी कहते हैं ) लिया गया है, जिसका अर्थ लैटिन में "नमक" है।


 गूगल से जुड़े ये फैक्ट - २०- २२ साल के छोकरों ने ऐसा क्या कर दिया जो आज हर कोई उन्हें जनता है 


गूगल हमेसा से ही दुनिया दूसरा सबसे महत्वपूर्ण ब्रांड नहीं रहा लेकिन क्या आप जानते उसने ऐसा सिर्फ २२ सालों के अंतराल में कर दिया, गूगल 4 सितंबर 1998, मेनलो पार्क, कैलिफ़ोर्निया, यूनाइटेड स्टेट्स में सुसान वोज्किसी के गैराज में शुरू किया गया , अब सबसे मजेदार फैक्ट ये है की वोज्किसी की बहन और में फाउंडर ऐनी वोज्किसी गूगल की कर्मचारी है जबकि सुसान वोज्किसी गूगल की पहली मार्केटिंग मैनेजर थीं और अब यूट्यूब की CEO हैं तो भाई नए स्टार्टअप्स को सपोर्ट करना चाहिए उन लोगो को जिनके पास एक्स्ट्रा जगह है या एक्स्ट्रा रिसोर्सेस है क्या पता कब नया गूगल बन जाये और आप की लोट्टारी लग जाये

 

मूल रूप से गूगल का नाम बैकरब था और ये वाला फैक्ट सच में काफी प्ररेणा देता...आपको पता है जीमेल को अप्रैल फूल डे पर लॉन्च किया गया था, कोई मज़ाक नहीं बिलकुल सच , गूगल ने 1 अप्रैल, 2004 को जीमेल का अनावरण किया इसके साथ ही गूगल ने यह भी बता दिया की वो अपने काम के प्रति कितने सीरियस है, वो फूल डे के दिन भी अपने काम को मजाक में नहीं लेते और सायद इस वजह से ही आज जीमेल लाखों उपयोगकर्ताओं को बेहतरीन सेवा दे रहा है, और दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन के साथ ही बहुत सारे सेगमेंट का किंग बना हुआ है


धीरूभाई अम्बानी से जुड़े फैक्ट - छोटे शहर से निकल कैसे भारत के सबसे सफल और सबसे अमीर कारोबारी बन गए


धीरूभाई अम्बानी के बारे में आज हर भारतीय जानता है लेकिन एक वक्त ऐसा था की वे गुजरात के गिरनार में तीर्थयात्रियों के लिए चाट-पकौड़ा बेचा करते थे , जीवन जीने की भाग दौड़ में सिर्फ 10 वीं तक ही पढ़ पाए लेकिन सीखते जीवन भर रहे, उन्हने अपनी पहली नौकरी अदेन में गैस -स्टेशन अटेंडेंट के रूप में की थी लेकिन आज उनके बेटों के पास 6.2 बिलियन की रिलायंस पेट्रोलियम है


Post a Comment

Previous Post Next Post